हरियाणा में सफाई कर्मियों के वेतन में 2100 रुपये की बढ़ोतरी, नशा मुक्ति केंद्रों का भी होगा विस्तार
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संत शिरोमणि कबीर दास जी की जयंती के अवसर पर सफाई कर्मियों के लिए एक बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने सफाई कर्मियों के मासिक वेतन में 2100 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की है। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में नशा मुक्ति केंद्रों के विस्तार की भी घोषणा की है, जिससे नशा मुक्ति की सुविधा और बेहतर होगी।
सिरसा में बन रहे संत सरसाई नाथ मेडिकल कॉलेज में 100 बेड का नशा मुक्ति केंद्र बनाया जाएगा। इसके अलावा डबवाली के नशा मुक्ति केंद्र की बेड संख्या 10 से बढ़ाकर 30 की जाएगी, वहीं ऐलनाबाद के सरकारी अस्पताल के पास 30 बेड का नया नशा मुक्ति केंद्र भी स्थापित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपने संकल्प पत्र में सफाई कर्मियों के वेतन को अगले पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से 26 हजार रुपये तक बढ़ाने का संकल्प लिया है, जिसे पूरा किया जाएगा। सफाई कर्मियों की सुरक्षा और सम्मान के लिए हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी आयोग भी गठित किया गया है। ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर 5 लाख रुपये और सीवरेज में काम करते समय मृत्यु होने पर 10 लाख रुपये की बीमा राशि भी दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत 5,000 से अधिक सफाई कर्मियों को संबंधित पालिका के रोल पर लिया है, जिससे उनकी नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
हरियाणा मुख्यमंत्री ने समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए चल रही योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का मूल दर्शन ‘अंत्योदय’ है, जिसमें समाज के अंतिम व्यक्ति का कल्याण सबसे अहम है। इसी सोच के तहत अनुसूचित जाति के गरीब परिवारों की बेटियों की शादी के लिए ‘मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना’ के तहत आर्थिक सहायता दी जा रही है, जबकि ‘अम्बेडकर आवास नवीनीकरण योजना’ के तहत गरीब परिवारों को मकान की मरम्मत के लिए भी वित्तीय सहायता मिलती है।
सैनी ने जनता से आग्रह किया कि वे संत कबीर की शिक्षाओं को अपनाएं और जातिवाद, भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्र निर्माण में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि ‘हरियाणा एक-हरियाणवी एक’ की भावना के साथ सरकार हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
यह घोषणाएं हरियाणा प्रदेश में सफाई कर्मियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और नशा मुक्ति के क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।



