हरियाणा विधानसभा स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने मानसून सत्र पर दी जानकारी, बोले: “व्यवधान आते हैं, लेकिन सदन का संचालन अध्यक्ष की जिम्मेदारी

हरियाणा विधानसभा के स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने हाल ही में संपन्न मानसून सत्र को लेकर अपनी टिप्पणी दी। उन्होंने स्वीकार किया कि कई बार सदन में व्यवधान उत्पन्न होते हैं, लेकिन अध्यक्ष की जिम्मेदारी होती है कि वह सदन की कार्यवाही को लगातार चलाते रहें और इसे निष्पक्ष और संतुलित बनाए रखें।
ऐतिहासिक मानसून सत्र की सफलता
हरविंद्र कल्याण ने कहा कि यह मानसून सत्र हर दृष्टि से ऐतिहासिक रहा। उन्होंने बताया कि सत्र सकारात्मक माहौल में संपन्न हुआ और इसमें कुल 21 घंटे 8 मिनट की कार्यवाही हुई, जो 120.37 प्रतिशत उत्पादकता का प्रतीक रही। इस सत्र के दौरान कुल 7 विधेयक पारित किए गए, जो प्रदेश की राजनीति और कानून व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव लाने में सहायक होंगे।
शून्यकाल में विधायकों की सक्रियता
स्पीकर ने कहा कि इस सत्र के दौरान शून्यकाल की कार्यवाही तीन दिन चली, जिसमें कुल 78 विधायकों ने अपनी बात रखी। भाजपा के 30 विधायकों ने 99 मिनट, कांग्रेस के 34 विधायकों ने 129 मिनट, इनेलो के 2 विधायकों ने 7 मिनट, और निर्दलीय विधायकों ने 10 मिनट तक चर्चा की।
विधायक उपस्थिति और अनुशासन
स्पीकर ने यह भी बताया कि सत्र के दौरान हर दिन 71, 72 और 70 विधायक सदन में उपस्थित रहे, जिसमें मुख्यमंत्री, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और मंत्रियों की संख्या शामिल नहीं थी। उन्होंने कहा कि विधायकों ने गंभीरता से बहस में हिस्सा लिया और सदन की गरिमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
राज्यगीत का ऐतिहासिक वादन
सत्र के समापन पर राज्यगीत का विधानसभा में पहला वादन किया गया, जिसे एक ऐतिहासिक पल के रूप में देखा गया। यह हरियाणा की सांस्कृतिक धरोहर का सम्मान और सदन की गरिमा का प्रतीक था।



