हरियाणा में बनेगा ‘आपदा राहत बल’, फायर और डिजास्टर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का शिलान्यास जल्द

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य में आपदा प्रबंधन को और अधिक सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य में ‘हरियाणा आपदा राहत बल’ की दो बटालियन बनाई जाएंगी, जो किसी भी आपातकालीन स्थिति में नागरिकों की सहायता के लिए काम करेंगी। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने जींद जिले में एक फायर एवं डिजास्टर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना का ऐलान किया, जिसका शिलान्यास जल्द किया जाएगा।
फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट रिन्यूअल में सुधार
मुख्यमंत्री ने राज्य में फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट की प्रक्रिया को और सरल बनाने की घोषणा की। अब एनओसी आवेदन करते ही ऑटोमैटिक रिन्यूअल किया जाएगा। हालांकि, रिन्यूअल के बाद 15 दिनों के भीतर रैंडम चेक किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फायर एनओसी से संबंधित किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाए और सभी कार्यों की जवाबदेही तय की जाए।
अत्याधुनिक फायर वाहनों की खरीद
हरियाणा सरकार अब फायर विभाग को अत्याधुनिक तकनीक से लैस करने की दिशा में भी सक्रिय है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आदेश दिया कि जल्द ही 101 मीटर की ऊंचाई वाली दो अग्निशमन गाड़ियां खरीदी जाएं। इसके अतिरिक्त, 13 हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म फायर वाहन और 250 फायर वाहन खरीदे जाएंगे, जो ब्लॉक स्तर तक आपातकालीन सेवा मुहैया कराएंगे। इन वाहनों में पानी की पाइप की क्षमता को 1000 मीटर तक बढ़ाया जाएगा, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में राहत कार्य सटीक तरीके से हो सकें।
डिजास्टर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में एनडीआरएफ मानदंडों का पालन
जींद में बन रहे फायर और डिजास्टर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में एनडीआरएफ (नेशनल डिजास्टर रेस्पांस फोर्स) के मानदंडों के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह संस्थान विशेष रूप से भूकंप, आग, बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए प्रशिक्षण देगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि राज्य में तैराकों का डाटा एकत्रित कर एक पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाए।
59 नए फायर स्टेशन और फायर फाइट रोबोट
मुख्यमंत्री ने राज्य में 59 नए फायर स्टेशन खोलने की घोषणा की है। यह फायर स्टेशन भारत सरकार के गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के तहत खोले जाएंगे, जिससे आपातकालीन सेवाओं की पहुंच हर इलाके तक हो सकेगी। साथ ही, 10 अत्याधुनिक फायर फाइट रोबोट भी खरीदे जाएंगे, जो पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर उपयोग किए जाएंगे।
अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ाई जाएगी
मुख्यमंत्री ने इस बैठक में अधिकारियों से सख्त निर्देश दिए कि हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कोई शिकायत मिलती है तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की इस बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष सचिव राहुल हुड्डा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।



