CHANDIGARHHARYANA

हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक में विद्युतीय उपकरणों के खरीद के प्रस्ताव को मिली मंजूरी ।

नारनौल और नांगल चौधरी में सिंचाई का पानी पहुंचाने का रास्ता हुआ साफ़ ।

एमडब्ल्यूबी न्यूज़,चंडीगढ़ । हरियाणा के दक्षिण छोर पर बसे नारनौल और नांगल चौधरी में सिंचाई का पानी पहुंचाने का रास्ता साफ़ हो गया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक में लिफ्ट-पम्पों के लिए विद्युतीय उपकरणों के खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। जल्द ही उपकरण खरीद कर सिंचाई की परियोजनाओं को अमलीजामा पहना दिया जाएगा। इस अवसर पर हुई बैठक में सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी भी मौजूद थी।

बैठक के बाद श्रुति चौधरी ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वास्तव में किसानों के हितैषी हैं, उन्होंने बैठक में जो सिंचाई विभाग के लिए विद्युतीय उपकरणों की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दी है उससे दक्षिण हरियाणा के किसानों को बहुत बड़ी सौगात कहा जाएगा। श्रुति चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के इस कदम से नारनौल में निजामपुर और नांगल चौधरी तक मानसून के पानी को पहुंचाने के लिए रास्ता बन गया है। उन्होंने कहा कि इन विद्युतीय प्रणालियों की स्थापना से सुनिश्चित सिंचाई के तहत कृषि योग्य क्षेत्र का विस्तार होगा तथा भूजल पुनर्भरण में भी सुधार होगा।

उन्होंने यह भी बताया कि कमानिया माइनर, मेघोट माइनर, अलीपुर माइनर तथा दोस्तपुर माइनर के पुनरुद्धार का कार्य निर्माणाधीन है तथा इन चार माइनरों में पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगभग 6 करोड़ रुपए की लागत से पांच लिफ्ट पंप स्टेशनों को अपग्रेड किया जाना है। सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार की कोशिश है कि इन प्रणालियों को मानसून से पहले ही स्थापित कर दिया जाए ताकि किसानों को अपेक्षित लाभ मिल सके।

उन्होंने बताया कि परियोजना का उद्देश्य नारनौल डिस्ट्रीब्यूटरी के अंतिम छोर से शाहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी की जल निकासी क्षमता को 81.25 क्यूसेक से बढ़ाकर 100 क्यूसेक करना, शाहबाजपुर से कमानिया माइनर की जल निकासी क्षमता को 9.60 क्यूसेक से बढ़ाकर 12.55 क्यूसेक करना, शाहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी के किमी 19.800-बाएं से अलीपुर माइनर की जल निकासी क्षमता को 5.25 क्यूसेक से बढ़ाकर 10.79 क्यूसेक करना तथा शाहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी के किमी 21.210-आर पर दोस्तपुर माइनर की जल निकासी क्षमता को 4.00 क्यूसेक से बढ़ाकर 10.00 क्यूसेक करना है।

श्रुति चौधरी ने यह भी बताया कि निजामपुर ब्लॉक क्षेत्र किसी भी नहर के नियंत्रण में नहीं आता है। जन संवाद, सीएम विंडो, ग्राम दर्शन पोर्टल तथा स्थानीय प्रतिनिधियों के माध्यम से लगातार सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की मांग की जाती रही है। क्षेत्र की जनता की मांग को पूरा करने के लिए सरकार द्वारा गांव के तालाब को भरने तथा लिफ्टिंग सिस्टम के माध्यम से सिंचाई के लिए कुछ परियोजनाओं को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है, इसलिए शाहबाजपुर डिस्ट्रीब्यूटरी सिस्टम की क्षमता में लगभग 20.00 क्यूसेक की वृद्धि की जा रही है।

इसी प्रकार बरसात के मौसम में अतिरिक्त पानी का उपयोग करने के लिए भेड़ेंती, दोस्तपुर, आंतरी, बिहारीपुर और मोसमपुर गांवों के निकट कृष्णावती नदी के तल में पानी छोड़ने के लिए कमानिया माइनर और दोस्तपुर माइनर की क्षमता बढ़ाने का का भी लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद कुल 20 गांवों को सिंचाई और भूजल पुनर्भरण के लिए जलापूर्ति में लाभ मिलेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
LIVE NOW