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10 साल तक सीएम रहते भूपेंद्र हुड्डा ने बनाई थी दूरी, मनोहर लाल के बाद नायब सैनी ने पहुंचकर तोड़ा मिथक ।

एमडब्ल्यूबी न्यूज़,चंडीगढ़ । हरियाणा के सबसे पुराने पुलिस ट्रेनिंग सेंटर मधुबन में प्रदेश का कोई भी मुख्यमंत्री जाने से घबराता था। हरियाणा का जो भी मुख्यमंत्री मधुबन पुलिस ट्रनिंग सेंटर में गया तो उसके कुछ ही समय बाद उनकी सरकार चली गई और वह लगातार दूसरी बार हरियाणा का मुख्यमंत्री नहीं बन पाया। इसी मिथक के चलते 10 साल के शासन में भूपेंद्र सिंह हुड्डा एक बार भी करनाल की मधुबन पुलिस अकेडमी में नहीं गए थे।

दोबारा नहीं मिली कुर्सी

हरियाणा के चौथे मुख्यमंत्री बनारसी दास गुप्ता 21 मार्च 1976 में मधुबन पुलिस अकेडमी में गए थे। उसके बाद 30 अप्रैल 1977 को उनकी सरकार चली गई और प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लग गया था। उसके बाद वह एक अंतराल के बाद 22 मई 1990 को फिर से प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। इस बार वह लंबा शासन नहीं चला पाए और 12 जुलाई 1990 को उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

यह नहीं बन पाए फिर मुख्यमंत्री

मधुबन अकादमी की स्थापना 1976 में हुई थी। बनारसी दास के बाद जो भी मुख्यमंत्री मधुबन पुलिस अकेडमी पहुंचा, वह फिर से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नहीं पहुंचा। वर्ष 1986 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बंसीलाल अकादमी में पहुंचे थे और 1987 में उनकी सरकार गिर गई। इसके बाद दो मार्च 1991 में जनता दल के मुख्यमंत्री हुकम सिह अकादमी में पहुंचे और 21 मार्च को उनकी कुर्सी चली गई। उनके बाद ओमप्रकाश चौटाला प्रदेश के सीएम बने। वर्ष 2001 में चौटाला अकेडमी आए थे और 2005 में उनकी सरकार चली गई। इसके बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा 10 साल सीएम रहे, लेकिन एक बार भी मधुबन अकादमी में नहीं आए।

मनोहर लाल के बाद नायब सैनी ने तोड़ा मिथक

मुख्यमंत्री मनोहर लाल 27 नवंबर 2014 में घरौंडा के विधायक हरविंद्र कल्याण की बेटी के विवाह समारोह में भाग लेने आए थे। तब उनका हेलीकाप्टर पुलिस अकादमी के मैदान में उतरा था। इसके बाद अधिकारिक तौर पर वह 14 जनवरी 2018 में मुख्यमंत्री रहते हुए मधुबन पुलिस अकेडमी में पहुंचकर वर्षों पुराने इस मिथक को तोड़ा था। इसके बाद 2019 में भी मनोहर लाल अकेडमी में पहुंचे थे। अब वहीं अनुसरण नायब सिंह सैनी ने 2025 में किया है। मनोहर लाल के बाद आज यानि 17 जनवरी को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पुलिस अकादमी मधुबन में उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों की बैठक की। हरियाणा में भाजपा शासित सरकार में वह दूसरे सीएम हैं जो पुरानी मिथकों को तोड़ने पर लगे हैं।

विस्तार के साथ की चर्चा

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी प्रदेश में चल रही विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं की गति को तेज करने तथा आम जनता की सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा कर रहे हैं तथा ‘हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान’ अभियान के तहत संविधान की प्रस्तावना का वाचन भी उन्होंने किया है।

नशा मुक्ति पर सख्त रुख

बैठक में मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ और सख्ती बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशामुक्त प्रदेश बनाना सरकार का ध्येय है। जन-जागरण अभियान चलाने की बात करते हुए उन्होंने हर विभाग के साथ-साथ महिलाओं, युवाओं और जनप्रतिनिधियों को भी इस मुहिम से जोड़ने की अपील की। नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक मासिक समीक्षा बैठक करेंगे। मुख्यमंत्री ने नशा मुक्ति केंद्रों का कड़ा निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। जो केंद्र निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरते, उन्हें तत्काल बंद करने के आदेश दिए गए।

ई-समन और ई-चालान अपनाएगी पुलिस

बैठक में नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन और प्रदेश के विकास कार्यों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में 28 फरवरी 2025 तक तीन नए आपराधिक कानून पूरी तरह लागू कर दिए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि नए कानूनों के तहत सिस्टम में आधारभूत परिवर्तन करने होंगे। इसके लिए प्रदेश की 445 अदालतों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे कैदियों को जेल से ही पेशी के लिए वर्चुअल रूप से जोड़ा जा सकेगा। साथ ही, ई-समन और ई-चालान की प्रणाली को भी जल्द से जल्द अपनाने पर जोर दिया गया।

यह रहे मौजूद

बैठक में विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण, मुख्य सचिव डॉ. विवेक जोशी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, और गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुमिता मिश्रा, डीजीपी शत्रुजीत कपूर, मंडल आयुक्त एवं सभी रेंज के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त उपस्थित थे।

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