CHANDIGARHHARYANA

नायब सरकार के 100 दिन पूरे होते ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश के किसानों को दिया बड़ा तोहफा ।

एमडब्ल्यूबी न्यूज़ ,चंडीगढ़ । हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों के हित में कदम उठाते हुए एक क्लिक से किसानों के बैंक खातों में 368 करोड़ रुपये की बोनस राशि जारी की है। सरकार का यह कदम न केवल सरकार की किसान-हितैषी नीतियों को प्रतिबिंबित करता है, बल्कि हरियाणा के किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा सरकार के तीसरे कार्यकाल के 100 दिन पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने एक क्लिक से किसानों के बैंक खातों में 368 करोड़ रुपये की बोनस राशि जारी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए खरीफ-2024 के दौरान प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण राज्य में उत्पादित की जा रही कृषि एवं बागवानी फसलों पर 2000 रुपये प्रति एकड़ बोनस देने का फैसला किया। अब तक कुल 1345 करोड़ रुपये की राशि किसानों को दी जा चुकी है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि तीसरे कार्यकाल के पहले विधानसभा सत्र में ही किसानों को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने 3 और महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। पट्टेदार किसानों और भूमि मालिकों के बीच विश्वास बहाल किया है। पहले भू-मालिकों और काश्तकारों के बीच में जमीन के कब्जे तथा मुआवजे इत्यादि को लेकर विवाद होते रहते थे। अब सरकार ने कृषि भूमि पट्टा एक्ट लागू करके, इन विवादों को जड़ से खत्म कर दिया है। साथ ही, शामलात भूमि पर 20 वर्षों से काबिज पट्टेदारों को उस भूमि का मालिकाना हक दिया है। इसके अलावा, गांवों में पंचायती भूमि पर बने 500 वर्ग गज तक के मकानों पर काबिज लोगों को उनका मालिकाना हक दिया है।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस किसानों के नाम पर राजनीति करती है। कांग्रेस के नेता बताएं कि उन्होंने किसान हित में क्या कदम उठाए। जबकि वर्तमान राज्य सरकार ने किसानों को समृद्ध बनाने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है, जहां सभी फसलों के दाने-दाने की खरीद एम.एस.पी. पर की जाती है। हमने किसानों को मंडी में अपनी फसल बेचने के लिए ई-खरीद एप्लीकेशन द्वारा घर बैठे ई-गेट पास बनाने की सुविधा दी है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 18वीं किस्त के रूप में लगभग 342 करोड़ रुपये की राशि किसानों के बैंक खातों में डाली गई है। अब तक कुल 6,203 करोड़ रुपये की राशि डाली गई है। उन्होंने कहा कि पराली के उचित प्रबंधन के लिए किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन यंत्रों पर अनुदान के रूप में 10,393 मशीनों के लिए 122 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई। किसानों के खेतों से गुजरने वाली हाई टेंशन बिजली की लाइनों के लिए मुआवजा नीति बनाई गई है। इसके तहत किसान को टावर एरिया की जमीन के लिए मार्केट रेट का 200 प्रतिशत मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। लाइन के नीचे की भूमि के लिए भी किसानों को मार्केट रेट का 30 प्रतिशत मुआवजे का प्रावधान किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 100 दिनों में विकास कार्यों के लिए पंचायतों को 500 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। इसके अलावा, प्रदेश की गौशालाओं के लिए 216 करोड़ 25 लाख रुपये की चारा अनुदान राशि जारी की गई। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में वर्तमान राज्य सरकार ने जन सेवा का दायित्व संभालते ही पहले 100 दिनों में तिगुणी गति से कार्य करते हुए 18 संकल्प पूरे कर लिए हैं और 6 संकल्पों पर कार्य तेजी से जारी है। साथ ही, 50 अन्य संकल्पों को पूरा करने की प्रशासनिक व वित्तीय अनुमोदन की प्रक्रियाएं भी जारी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किए गए ये कार्य प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में हरियाणा के अहम योगदान की सशक्त आधारशिला साबित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले हरियाणा राजनीतिक रूप से परिवारवाद, क्षेत्रवाद और भेदभाव जैसी बीमारियों से ग्रसित था। युवाओं में अविश्वास था, नौकरियों के लिए नेताओं के चक्कर काटने पड़ते थे। लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलता था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पिछले 10 वर्षों में हरियाणा सरकार ने क्षेत्रवाद को समाप्त करने का काम किया और सबका साथ-सबका विकास-सबका प्रयास व सबका विश्वास के मूलमंत्र पर चलते हुए प्रदेश का समान रूप से विकास सुनिश्चित किया।

उन्होंने कहा कि 2014 से 2024 तक हरियाणा सरकार ने जनकल्याणकारी नीतियां बनाकर व लोगों के हित में निर्णय लेकर आमजन के जीवन को सुगम बनाने का काम किया। पढ़ी लिखी पंचायतों की पहल, ऑनलाइन ट्रांसफर नीति, परिवार पहचान पत्र के माध्यम से लोगों को घर बैठे योजनाओं का लाभ देना, बिना किसी परेशानी के ऑनलाइन स्वतः सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ देना, बीपीएल आय सीमा को बढ़ाकर अधिक लोगों को सरकार की योजनाओं के तहत कवर करना, आयुष्मान-चिरायु योजना, पीएम स्वामित्व योजना, हर घर नल से जल तथा गांवों को 24 घंटे बिजली प्रदान करने जैसी अभूतपूर्व कार्य करके राज्य के समावेशी विकास के साथ-साथ लोगों के जीवन स्तर को बदलने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने आगामी वर्षों में प्रदेश में विकास कार्यों का रोडमैप सांझा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार आईएमटी खरखौदा की तर्ज पर पूरे प्रदेश में 10 अति आधुनिक औद्योगिक शहर बनाएगी। नवीकरणीय ऊर्जा के माध्यम से 25,000 मेगावॉट का उत्पादन करेंगे, जिसका उपयोग हरियाणा और एनसीआर के विभिन्न औद्योगिक केंद्रों को बिजली देने के लिए किया जाएगा। इसके अलावा, पानीपत, फरीदाबाद और गुरुग्राम में रासायनिक व औद्योगिक कचरे की समस्या के समाधान के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जाएगा। नारनौल, महेंद्रगढ़ में इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी। हरियाणा सरकार केंद्र सरकार की पीएम मित्र योजना के साथ सहयोग करते हुए हरियाणा के सबसे बड़े टेक्सटाइल केंद्र अंबाला में एकीकृत कपड़ा पार्क स्थापित किया जाएगा।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उत्पाद से जुड़े प्रोत्साहन योजना और हरियाणा फार्मास्यूटिकल नीति-2015 के माध्यम से करनाल में फार्मा पार्क की स्थापना में तेजी लाई जाएगी। पीपीपी मोड में महेंद्रगढ़ में डिफेंस और एयरोस्पेस हब स्थातिप किया जाएगा। नए उद्योगों के विकास के लिए ई-भूमि द्वारा 10,000 एकड़ का नया लैंड बैंक बनाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी संस्था द्वारा समय पर भुगतान नहीं करने पर 8 प्रतिशत की दर से ब्याज का भुगतान करने की नीति लागू की जाएगी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही उन्होंने नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों का समाधान के लिए समाधान शिविर लगाने के निर्देश दिये थे। आज तक इन शिविरों में 75 हजार से अधिक शिकायतों का समाधान कर लोगों को राहत पहुंचाई जा चुकी है। इतना ही नहीं, सीएम आवास या कार्यालय में या दौरे के दौरान प्रतिदिन सैकड़ों लोगों से प्राप्त प्रतिवेदनों और शिकायतों के समाधान के लिए भी जनसंवाद पोर्टल बनाया हुआ है। इसके माध्यम से 100 दिनों में लगभग 45 हजार शिकायतों का समाधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 18 अक्तूबर, 2024 को पहली कलम से किडनी के रोग से पीड़ितों को मुफ्त डायलिसिस की सेवाएं प्रदान करने की शुरुआत की। पहली मंत्रिमंडल की बैठक में ही सरकार ने अनुसूचित जातियों के आरक्षण का दो वर्गों में वर्गीकरण कर अब तक वंचित रह गई अनुसूचित जातियों को उनका अधिकार देने का काम किया। उन्होंने कहा कि 14 नवम्बर, 2024 को सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले विधानसभा सत्र में ही पिछड़ा वर्ग बी को पंचायती राज संस्थाओं व शहरी स्थानीय निकायों में आरक्षण का कानून बनवाया। सरपंच पद के लिए 5 प्रतिशत तथा अन्य पदों के लिए उनकी जनसंख्या का 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा योजना में रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या धाम की यात्रा शुरू की थी। चुनावों के समय अपने संकल्प पत्र में हमने माता वैष्णो देवी और शिरडी साई मंदिर की दर्शन यात्रा को भी इस योजना में शामिल करने का संकल्प लिया था। इस संकल्प को भी हमने पूरा किया है। अब इस योजना में महाकुम्भ को भी शामिल किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पी.एम. सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रदेश में 1 लाख घरों की छतों पर मुफ्त में 2 किलोवाट के सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा था। यह सोलर सिस्टम 1 लाख 80 हजार रुपये तक वार्षिक आय बाले परिवारों के घरों की छत पर लगाया जा रहा है। पिछले 100 दिनों में इस योजना में 12,285 सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों को आर्थिक संकट से बचाने के लिए ऐसे परिवारों की आर्थिक मदद के लिए ही दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु) चलाई है। इस योजना में 1.80 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले 6,279 परिवारों को 233.67 करोड रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है।

मुख्यमंत्री ने राज्य में महिला और बाल कल्याण की दिशा में बड़ी पहल करते हुए आज 324 क्रेच केंद्रों का उद्घाटन किया। इन केंद्रों का उद्देश्य कामकाजी महिलाओं को अपने कार्यक्षेत्र में सहायता प्रदान करना और उनके बच्चों के लिए पोषित और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही अन्य योजनाओं का भी उल्लेख किया और कहा कि हरियाणा को एक समृद्ध, सशक्त और समानता पर आधारित राज्य बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को स्वावलंबी बनाकर उनका सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को और तेज गति देने के लिए सभी महिला सरपंचों को उनके गांव का ब्रांड एम्बेसडर बनाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की आधी आबादी को सशक्त बनाने के लिए पानीपत से ‘बीमा सखी योजना का शुभारंभ किया। इसमें महिलाओं को पहले साल 7 हजार, दूसरे साल 6 हजार और तीसरे साल 5 हजार रुपये मासिक वेतन मिलेगा। साथ ही, बीमा कमीशन और हर महीने 2100 रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गरीब परिवारों को हर घर-हर गृहिणी योजना में हर महीने केवल 500 रुपये में गैस सिलेंडर दिया जा रहा है। इसका लाभ 13 लाख 2 हजार 400 परिवारों को निरंतर मिल रहा है। सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 750 रुपये और सहायिकाओं के मानदेय में 400 रुपये मासिक की बढ़ोतरी की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस 2023 के अवसर पर लखपति दीदी योजना शुरू करने की घोषणा की थी। इस योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण देकर सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने में सहायता प्रदान की जा रही है। प्रदेश में 5 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 1 लाख 85 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार नमो ड्रोन दीदी के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए 5,000 महिलाओं को ड्रोन पायलट प्रशिक्षण प्रदान करेगी। अब तक 100 महिलाओं को ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण देकर, उन्हें मुफ्त ड्रोन भी दिए जा चुके हैं। इन्हें 8 लाख रुपये तक की कीमत का ड्रोन मुफ्त दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के गरीब से गरीब व्यक्ति के पास अपना मकान हो, इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए हमारी सरकार ने 1 लाख गरीब परिवारों को प्लॉट देने का संकल्प रखा है। इस संकल्प के तहत गांवों में 100-100 गज और महाग्रामों में 50-50 गज के प्लाट देने शुरू कर दिए हैं। अब तक 61 ग्राम पंचायतों और एक महाग्राम में 4,533 प्लाट दिए जा चुके हैं। वहीं, वर्तमान सरकार ने अपने पिछले 100 दिनों में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी तथा ग्रामीण के तहत 885 परिवारों को पक्का मकान बनाने के लिए 11.53 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने गरीब परिवारों के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना शुरू की है। इसके तहत 14 शहरों में 15,256 गरीब परिवारों को 30-30 गज के प्लाट दिए हैं। उन्होंने बताया कि पीएम आवास योजना के तहत 77 हजार लाभार्थी, जिन्होंने आवेदन किया हुआ था, उनके लिए इसी बजट में लाभार्थियों को मकान बनाने के लिए प्रावधान किया जाएगा, ताकि वे अपना मकान बना सकें। इसके अलावा, नये लाभार्थियों की सूची बनाने के लिए अधिकारियों को सर्वे करने के भी निर्देश दिए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने गरीबों को 100-100 गज के प्लॉट देने का वायदा तो किया, लेकिन न ही उन्हें कागज दिए न कब्जा दिया। हमारी सरकार ने गरीबों की पीड़ा को समझा और उन्हें प्लॉटों का कब्जा प्रदान करने का काम किया। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकार गरीबों के साथ वोट की राजनीति करती थी, जबकि हमारी सरकार गरीबों को सशक्त व खुशहाल करने के लिए कार्य कर रही है। आज लोगों को यह विश्वास है कि हमारी सरकार गरीबों के हित की सरकार है और अब गरीबों के अधिकारों का हनन नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा की जिसे गरीब कहा जाता है वही विकसित भारत की सच्ची शक्ति है और इसी के अनुसार प्रदेश सरकार द्वारा जन कल्याण की योजनाएं लागू की जा रही है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
LIVE NOW