मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन ने उठाई हरियाणा में पत्रकारों के लिए बड़ी मांगें, राजस्थान की तर्ज पर 10 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य लाभ देने की अपील

चंडीगढ़: मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन (एमडब्ल्यूबी) ने वर्ष 2025 के तीन प्रमुख पत्रकारिता अवॉर्डों के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। इस कमेटी की अध्यक्षता दीपक मिगलानी (पानीपत) करेंगे, जबकि विनोद खुनगर (कुरुक्षेत्र) और तरुण कपूर (अंबाला) सदस्य हैं। उत्तर भारत अध्यक्ष चन्द्र शेखर धरणी ने बताया कि एमडब्ल्यूबी अमर शहीद लाला जगत नारायण अवॉर्ड, पत्रकारिता रत्न अवॉर्ड और पत्रकारिता अलंकार अवॉर्ड प्रदान करता है, जो पत्रकारों के उत्कृष्ट कार्य के लिए दिया जाता है।
धरणी ने हरियाणा सरकार से राजस्थान की तर्ज पर गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए एक नई स्वास्थ्य योजना बनाने की मांग की है, जिसमें उन्हें प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध हो। राजस्थान सरकार ने पहले ही इस तरह की योजना “राजस्थान पत्रकार स्वास्थ्य योजना” शुरू कर दी है, जिसका लाभ सभी अधिस्वीकृत पत्रकारों और उनके आश्रितों को मिलता है। इस योजना में इनडोर (IPD) इलाज के लिए 10 लाख रुपये की सीमा निर्धारित की गई है और आउटडोर (OPD) सुविधा भी दी जाती है।
एमडब्ल्यूबी ने कहा कि हरियाणा सरकार को भी इस योजना को जल्द लागू करना चाहिए ताकि पत्रकारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। साथ ही, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा घोषित कैशलेस इलाज सुविधा की नोटिफिकेशन जल्द जारी करने का भी आग्रह किया गया है।
पत्रकारों की आर्थिक सुरक्षा और सम्मान की पहल
धरणी ने बताया कि मीडिया वेलबीइंग एसोसिएशन पत्रकारों को निशुल्क 10 लाख तक का टर्म इंश्योरेंस और एक्सीडेंटल इंश्योरेंस प्रदान करता है। बीते वर्ष प्रसार भारती के एडवाइजर ज्ञानेंद्र बरतरिया के निधन पर उनके परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। इसके अलावा कैंसर से पीड़ित तीन पत्रकारों और करीब 28 अन्य पत्रकारों को आर्थिक मदद भी दी गई है।
हरियाणा में 60 वर्ष से अधिक आयु के पत्रकारों को हर कार्यक्रम में विशेष सम्मान दिया जाता है। साथ ही, संगठन युवा पत्रकारों के लिए जल्द प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन करने की योजना बना रहा है।
पत्रकारों के पेंशन एवं सुविधाओं को लेकर महत्वपूर्ण मांगें
एमडब्ल्यूबी ने सरकार से मांग की है कि पत्रकारों की पेंशन राशि बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रतिमाह की जाए, पेंशन की उम्र घटाकर 58 वर्ष की जाए और डिजिटल पत्रकारों को भी मान्यता प्रदान की जाए। साथ ही, परिवार में एक से अधिक सदस्य मीडिया में होने पर सभी को पेंशन का लाभ मिले। गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों को भी पेंशन का लाभ देने की मांग की गई है।
धरणी ने उम्मीद जताई कि हरियाणा सरकार पत्रकारों के हित में इन मांगों को शीघ्र पूरा करेगी और कैशलेस इलाज की नोटिफिकेशन जल्द जारी करेगी।
मीडिया वेलबीइंग एसोसिएशन की ये पहल पत्रकारों के कल्याण और सम्मान के लिए एक बड़ी उम्मीद लेकर आई है।
क्या आपकी राय में सरकार पत्रकारों की इन मांगों को समय पर पूरा करेगी? अपनी बात जरूर साझा करें!



