फारूक अब्दुल्ला ने श्री हरमंदिर साहिब में मत्था टेका

अमृतसर, 25 फरवरी: जम्मू-कश्मीर के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके फारूक अब्दुल्ला ने आज श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) में मत्था टेका। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि अगर हमारा देश एकजुट रहेगा, तो हम किसी भी मुसीबत का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने देश की एकता की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि “इंडिया फर्स्ट” का आदत हमें डालनी चाहिए, जैसा कि अमेरिका में “अमेरिका फर्स्ट” कहा जाता है।
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि भारत सभी धर्मों और जातियों का साझा देश है, और यह उन लोगों का भी है जिनका कोई धर्म नहीं है। उन्होंने देश की सरकारों से इस भावना को समझने का आग्रह किया। जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह राज्य देश का ताज था, लेकिन केंद्र ने इसके साथ अन्याय किया है।
कश्मीर मुद्दे के समाधान पर उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि यूरोपीय संघ की तरह सार्क देशों को भी एक साथ आकर ऐसे मुद्दों को सुलझाना चाहिए। दुनिया में शांति की बात करते हुए उन्होंने कहा कि युद्ध और हथियारों की बेचने वाली कंपनियां पूरी दुनिया में अशांति का माहौल बनाती हैं ताकि उनका व्यापार बढ़े।
स्वर्ण मंदिर में माथा टेकने के बाद फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें यहां अपार आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है और वह यहां भगवान से सभी के कल्याण की प्रार्थना करने पहुंचे हैं।



